कोहरौद में संध्या आरती में उपस्थित होकर समाज प्रमुखों को किया संबोधित।
धर्म परिवर्तन को रोकने किया जाएगा सकारात्मक प्रयास।
बलौदाबाजार,
फागूलाल रात्रे, लवन।
फागूलाल रात्रे, लवन।
प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के द्वारा प्रदेश भर में चलाए जा रहे हैं संगठन विस्तार एवं सामाजिक रीति नीति में परिवर्तन तथा प्रत्येक सोमवार को बाबा गुरु घासीदास के जैतखाम एवं गुरुद्वारे में संध्या आरती का आयोजन किया गया। गांव गांव में ग्रामीण कमेटियों का गठन करके सामाजिक रीति नीति में 15 बिंदुओं पर प्रदेश स्तरीय सामाजिक सम्मेलन में पारित प्रस्ताव को गांव-गांव तक लागू करने के लिए प्रदेश भर में बैठक का दौरा चल रहा है। इसी कड़ी में लवन ब्लॉक के प्रमुख ग्राम कोहरौद में सोमवार को संध्या आरती कार्यक्रम का आयोजन मुख्य अतिथि मोहन बंजारे प्रदेश महासचिव प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज, गणेश बघेल प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, पूर्व जिला अध्यक्ष देवेंद्र चतुर्वेदी जिला अध्यक्ष दीपक घृतलहरे, जिला सचिव सुशील बंजारे ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र डहरिया, जिला कोषाध्यक्ष लेखराम गनहरे, नरोत्तम बघेल के आतिथ्य में ग्राम कोहरौद के समाज प्रमुखों द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के ग्राम कोहरौद में अतिथियों के पहुंचने पर गुरु द्वारा गुरु घासीदास मंदिर में सामूहिक रूप से संध्या आरती किया गया ।जहां पर अनवरत गुरु घासीदास मंदिर में अखंड सतनाम ज्योति जल रहा है। पूजा अर्चना करके क्षेत्र की सुख शांति समृद्धि तथा सामाजिक एकता के लिए कामनाएं किए। आयोजन समिति द्वारा प्रदेश महासचिव मोहन बंजारे सहित अतिथियों का भव्य रूप से स्वागत किया गया। सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश महासचिव मोहन बंजारे ने कहा की सतनामी समाज गुरु प्रधान समाज है बाबा गुरु घासीदास जी तथा गुरु बालक दास के मानवतावादी विचारों पर चलकर उनके बताएं मार्ग मनखे एक बरोबर के संदेश को लेकर के चलने वाले तथा संविधान को मानने वाले समाज है l समय के साथ समाज के रूढ़िवादी रीति नीति एवं परंपराओं में बदलाव की आवश्यकता है किसे देखते हुए प्रदेश स्तरीय सतनामी समाज सम्मेलन में सामाजिक रीति नीति में आवश्यक परिवर्तन हेतु 15 बिंदुओं का प्रस्ताव पारित किया गया है जिसे गांव-गांव में बैठक करके अमल करने की आवश्यकता है। 15 बिंदुओं में प्रकाश डालते हुए प्रदेश महासचिव मोहन बंजारे ने कहा कि हमें सार्वजनिक कार्यक्रमों की शुभारंभ बाबा गुरु घासीदास की आरती के साथ ही किया जाना है। गुरु बाबा घासीदास जी की जयंती18 दिसंबर को ही पूरे प्रदेश में सभी झंडा पालो चढ़ना सुनिश्चित किया जाना है। विशेष परिस्थितियों में समारोह रख करके गुरु घासीदास जी के जीवन पर आधारित सादगी पूर्ण ढंग से कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता है l प्रत्येक सोमवार को गुरु घासीदास जी के जय स्तंभ या गुरुद्वारे में सामूहिक संध्या आरती या गुरु वंदना कार्यक्रम अनिवार्य रूप से किया जाना है। जिससे आने वाले बच्चे समाज की रीति नीति और संस्कार से अवगत हो सके। सार्वजनिक कार्यक्रमों में मांस मदिरा का सेवन पूर्णत वर्जित रहेगा। मृत्यु में केवल परिवार के सदस्य ही कफन के कपड़े लेकर जाएंगे अन्य सभी समाज के बंधु गण स्वेच्छा रूप से आर्थिक सहयोग के रूप में अंशदान राशि प्रदान करेंगे। किसी भी हालत में कफन के कपड़े साथ नहीं लाना है। मृत्यु भोज पूर्णत प्रतिबंधित रहेगा आवश्यक होने पर शांति भोज सादगी पूर्ण एवं पीड़ित पक्ष के स्वेच्छा के अनुरूप किया जाना सुनिश्चित करें। सगाई एवं शादी में निर्धारित संख्या में ही सम्मिलित हो शादी बाराती कार्यक्रम शाम 4 से रात्रि 10:11 बजे तक संपन्न हो। शादी में आदर्श विवाह को प्राथमिकता दे l अंतर जाति विवाह जो बड़े पैमाने पर समाज में प्रचलन में है पर आवश्यक रूप से अंकुश लगे। सामाजिक एकजुटता के लिए प्रत्येक वर्ष वार्षिक आम सभा का आयोजन हो और उसमें अधिक से अधिक लोगों की उपस्थिति सुनिश्चित हो l अति आवश्यक हो तो समाज की सहमति से ही जैतखाम का स्थापना किया जाए। उपरोक्त प्रस्ताव को ग्रामीण कमेटी के समक्ष विस्तार पूर्वक रखते हुए ग्राम वासियों को संकल्प दिला कर के उपरोक्त प्रस्ताव को लागू करने का निवेदन किया l कार्यक्रम को गणेश बघेल, देवेंद्र चतुर्वेदी, दीपक घृतलहरे ने भी संबोधित करते हुए सामाजिक एकता एवं अखंडता बनाए रखने के लिए प्रदेश द्वारा पारित प्रस्तावों को गांव-गांव तक लागू करने का आह्वान किया l इस अवसर पर प्रमुख रूप से के माथुर रूपेण क्यूट आत्मा दास बंदे राधेश्याम मारकंडे कलश महिलांगे मनोज मारकंडे उपसरपंच धनऊ खांडे ,घनश्याम बंजारे, प्रदुम्न रात्रें धना घृतलहरे, उमेंद्र पुरेना, श्रीमती शांति बंजारे, श्रीमती बेला बाई रात्रे, नंदू राम रात्रें, सोनू कोसले संदीप घृतलहरे नीलेश्वर बंजारे लक्ष्मण पुरैना भुवन गेंद्रें, साधराम रात्रें, मूलचंद गेंद्रे, ईश्वरी गेंद्रे, संतोष कोसले, संत प्रसाद कोसले, महेंद्र धजाराम चेलक हरि शंकर टंडन रंग गुलाल घृतलहरे, मालू राम घृतलहरे श्रीमती हिरमत, श्रीमती शकुंतला घृतलहरे रोशन घृतलहरे धनीराम घृतलहरे लहारामगेंद्रे , प्रेम सहित भारी संख्या में सतनामी समाज के समाज प्रमुख एवं ग्रामीण युवा महिला भारी संख्या में उपस्थित। थे आयोजक मनोज मारकंडे एवं समाज प्रमुखों द्वारा सभी अतिथियों का बाबा गुरु घासीदास जी के स्मृति चिन्ह भेंट करके सम्मानित किया गया l सोमवार को आयोजित संध्या आरती गुरु वंदना में सभी लोगों के लिए प्रसाद की व्यवस्था किया गया था।











