बलौदाबाजार,
फागूलाल रात्रे, लवन।
फागूलाल रात्रे, लवन।
इन दिनों भीषण गर्मी ने लोगों की जीना बेहाल कर दिया है। लोग त्राहि त्राहि कर रहे हैं। दोपहर 12 बजे से पहले ऐसा लगता है जैसे कर्फ्यू लगा हो। सड़के सुनसान हो जा रहे हैं। भीषण गर्मी से बचने लोग घरों में दुबक कर रह रहे हैं। अंचल में अधिकतम तापमान 44 डिग्री व न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किए गए हैं। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने के आसार है। यानी अभी गर्मी से राहत के कोई असार नहीं है। इस वर्ष बढ़ रही भी भीषण गर्मी से कई सालों के रिकॉर्ड टूट रहे हैं। अंचल भर में मौसम के लगातार बदलते मिजाज ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। बुधवार 13 मई और 14 मई को हुई झमाझम बारिश से लोगों को राहत मिलने के बाद 15 मई दिन शुक्रवार से तेज धूप भीषण गर्मी और उमस ने आम जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है। सुबह होते ही सूरज के तीखे तेवर लोगों को झुलसाने लगे हैं। दोपहर 12 बजे से पहले होते-होते सड़के पूरी तरह से सुनी पड़ जा रही है। गर्म हवाओं के थपेड़ों और चिलचिलाती धूप के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार वृद्धि की जा रही है। दोपहर के समय हालात ऐसे हो जाते हैं कि लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। बाजारों चौक चौराहो और सार्वजनिक स्थलों पर सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ काफी कम नजर आ रही है। राहगीर भी धूप से बचने के लिए छांव की तलाश करते दिखते हैं। भीषण गर्मी और उमस के कारण लोगों का पसीना थमने का नाम नहीं ले रहा है। 44 डिग्री सेल्सियस की आग उगलती तेज गर्मी से बचने लोग कूलर पंखा एसी का सहारा ले रहे हैं फिर भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रहा है। आग उगलती सूरज की किरणें व तन को झुलसा देने वाली धूप से लोग बिलबिला रहे हैं। वही तेज धूप और भीषण गर्मी में लोग बार बार पानी,नींबू पानी, शरबत,गन्ना जूस और अन्य ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं। इसका सीधा असर बाजार और दुकानों में भी देखने को मिल रहा है। मुंडा के दुकानदार खगेश वर्मा लाला वर्मा ने बताया कि आइसक्रीम बर्फ और कोल्ड ड्रिंक की मांग में अचानक काफी बढ़ोतरी हुई है। पिछले कुछ दिनों से इन उत्पादों की बिक्री में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की भीषण गर्मी में लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है। तेज धूप में अधिक देर तक रहने से हीट स्ट्रोक डिहाइड्रेशन सिरदर्द चक्कर और बुखार जैसी समस्याएं हो जाती है। खासकर बुजुर्गों छोटे बच्चों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर नवदीप बांधे ने लोगों को सलाह दी है कि वे पर्याप्त मात्रा में पानी पिए धूप में निकलने से बचे और हल्के सूती कपड़े पहने। शीतल पेय पदार्थों का उपयोग करें।








