बलौदाबाजार,
फागूलाल रात्रे, लवन।
फागूलाल रात्रे, लवन।
आदर्श ग्राम पंचायत मुंडा में स्वर्गीय रमेश वर्मा भानुमति वर्मा की पुण्य स्मृति में सम्मेलाल वर्मा राम कुमारी वर्मा उत्तम वर्मा कुसुम वर्मा चेतन कुमार वर्मा कस्तूरी वर्मा परिवार द्वारा 4 अप्रैल 2026 से संगीत मई श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव का वृहद आयोजन किया जा रहा है। जिसमें कथा वाचक बिलासपुर जिला के भागवत आचार्य पंडित प्रकाश दास वैष्णव अपने मुखारविंद से 8 अप्रेल को 5वां दिवस लगातार 9 दिन तक श्रीमद् भागवत
चल रही है। श्रीमद्भागवत कथाओं में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का विशेष वर्णन हो रहा है। माखन चोरी, पूतना वध, कालिया दमन, गोचारण और यशोदा मैया के साथ नटखट प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो रहे हैं। कथावाचक इन लीलाओं का आध्यात्मिक रहस्य भी समझा रहे हैं।
पंचम दिवस की कथा में पं. प्रकाश दास वैष्णव ने बताया कि कृष्ण सखाओं के साथ गोपियों के घर माखन चुराकर द्वार पर बैठकर बांटकर खाते थे “जिसके यहां चोरी की हो, उसी के द्वार पर खाने में आनंद है।” मिट्टी खाने के प्रसंग में जब यशोदा ने डांटा और मुख खुलवाया, तो कृष्ण ने अपने मुख में संपूर्ण ब्रह्मांड दिखा दिया। पूतना, तृणावर्त, अघासुर, बकासुर वध की लीलाएं भी सुनाई गईं। आचार्य प्रकाश दास वैष्णव ने पूतना उद्धार सुनाया “भगवान ने पूतना को देखकर नेत्र बंद कर लिए, क्योंकि कुपात्र पर दृष्टि डालने से दृष्टि दूषित होती है। माखन चोरी पर कहा — कृष्ण के घर कमी नहीं थी, पर ब्रज की हर गोपी चाहती थी कि कान्हा उसके हाथ का माखन खाए; इसलिए भगवान ने लीला रची। कंस कारागार से वासुदेव द्वारा यमुना पार कर कृष्ण को गोकुल लाने, नंद बाबा के घर पहुंचने पर नंदोत्सव का वर्णन किया। फिर पूतना वध, शकटासुर, तृणावर्त उद्धार और यशोदा-कृष्ण संवाद सुनाए। उन्होंने कहा — ये लीलाएं भक्तों के भीतर के दैत्य (अहंकार, लोभ) का नाश करती हैं। कथावाचक ने बताया कि कृष्ण की बाल लीलाएं केवल आनंद नहीं, जीवन में सरलता, समर्पण और अहंकार-त्याग का पाठ हैं। 9 दिन तक श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव में परायण करता के रूप में महर्षी आश्रम पांडुका वृंदावन से शिक्षा प्राप्त पंडित सुजल दास वैष्णव एवं पंडित आर्यन वैष्णव रहे जो बाल भागवत आचार्य के रूप में क्षेत्र में काफी लोकप्रिय हैं पुरोहित के रूप में पंडित विजय पांडे लवन वाले द्वारा किया जा रहा है श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ महोत्सव को सफल बनाने में वर्मा परिवार के भारतेंदु गजानन झील सुकृत ईश्वरी प्रमिला पीतर मीणा क्रांति समीर ओम सूप देवेश कुशल भूमि कामाख्या गायत्री उज्जवल लगे हुवे है।











