बलौदाबाजार,
फागूलाल रात्रे, लवन।
फागूलाल रात्रे, लवन।
राज्य सरकार का अति महत्वपूर्ण योजना महतारी वंदन योजना निरंतर लाभ लेने के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। इसके बिना 1000 रूपये की मासिक राशि रूक सकती है। प्रशासन के द्वारा इसके लिए 30 जून 2026 तक का समय दिया है, जिसे आंगनबाड़ी केन्द्रो पंचायत भवनों के किसी भी च्वाईस सेन्टरों में निशुल्क करा सकते है। यदि कोई च्वाईस सेन्टर संचालक के द्वारा ई-केवाईसी के नाम पर आपसे पैसे का डिमांड करता है, तो ग्राहक उसका शिकायत दर्ज करा सकता है।
लवन परियोजना अंतर्गत 34 हजार 143 हितग्राहियों का ई-केवाईसी किया जाना है। जिसमें से 4092 हितग्राही पलायन है। अभी तक 6295 हितग्राहियों का ई-केवाईसी नहीं हुआ है, जिसमें पलायन करने वाले लोग भी शामिल है। अब तक 27 हजार 848 हितग्राहियों का ई-केवाईसी का काम पूरा हो गया है। शेष बचे हुए हितग्राहियों को योजना लाभ लेने के लिए 30 जून तक ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। ई-केवाईसी नहीं होने पर योजना के लाभ से वंचित हो सकते है।
राज्य शासन के आदेश के अनुसार 30 जून के बीच बैंक खातों के ई-केवाईसी का काम कराया जाना है लेकिन लवन में अभी 20 फीसदी महिलाओं का ई-केवाईसी बाकी है। शेष महिालाओं का समय पर ई-केवाईसी नहीं होने का मूल कारण अधिकांश परिवारों का पलायन कर जाना है। गांव स्तर की महिलाएं कमाने-खाने के लिए बाहर चले जाते है जो बरसात लगने के पहले पहुंचते है। लवन परियोजना अंतर्गत 4100 हितग्राही पलायन बताये जा रहे है। 2200 हितग्राही ऐसे है जो गांव घर पर रहने के बावजूद अपना ई-केवाईसी का काम नहीं कराये है। वही, अधिकतर महिलाओं का फिंगर मशीन में स्वीकार नहीं कर पा रहा हैं जिसके कारण महिलाओं को आधार अपडेट कराने के बाद दोबारा ईकेवाईसी कराना पड़ रहा हैं इसके लिए महिलाओं का आधार कार्ड, बैंक खाता एवं मोबाईल नम्बर जरूरी किया गया है। वर्तमान समय में भीषण गर्मी चल रही है, महिलाएं कहीं न कही लाभ से वंचित न हो जाए इसके लिए अधिकतर महिलाएं भीषण गर्मी में भी च्वाईस सेन्टर पहंच रही है। वही, च्वाईस सेन्टर संचालकों का कहना है कि सर्वर डाउन होने की वजह से ई-केवाईसी कराने में समय लग रहा है। जिसके चलते हितग्राहियों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
क्या कहते है परियोजना अधिकारी
वर्तमान में अधिकतर ग्रामीण परिवार पलायन कर गए है, इस वज़ह से चार हज़ार हितग्रहियों का ekyc का काम नहीं हुआ है, फ़िर भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से छुटे हुए हितग्राहियों का ekyc कराया जा रहा है।
चंद्रहास साहू, परियोजना अधिकारी लवन











