बलौदाबाजार,
फागूलाल रात्रे, लवन।
फागूलाल रात्रे, लवन।
ग्राम अहिल्दा में आयोजित संगीतमय श्रीमद भागवत कथा के चौथे दिन आचार्य राजेंद्र महाराज द्वारा कृष्ण प्राकट्य महोत्सव का सरस वर्णन करते हुए बताया गया कि भागवत एक आध्यात्म दीप है। भगवत प्राप्ति की पहली सीढ़ी सत्संग है। सत्संग से विवेक जागृत होता है और मनुष्य ईश्वर के प्रति आस्था वान बनकर अपने घर परिवार के साथ समाज में भी यश प्राप्त करता है l
जब जब धरती पर धर्म को हानि होती है और सनातन पर आघात होता है तब भगवान का अवतार होता है। संसार के समस्त प्राणी अपने-अपने कर्मों के कारण धरती में अलग-अलग योनियों में जन्म प्राप्त करते हैं। किंतु मनुष्य योनि में जन्म प्राप्त करना यह अर्जित पुण्य का ही परिणाम है । इसी जन्म में ही सद्गति और मुक्ति की कामना पूरी हो सकती है तथा भावी जन्म हम सुधर सकते हैं l
आचार्य द्वारा वामन अवतार की कथा प्रसंग का वर्णन कर बताया गया कि सर्वस्व समर्पण का भाव रखने पर परमात्मा भी दानदाता के कर्जदार अर्थात ऋणी बन जाते हैं। राजा बलि ने तीन पेग वामन भगवान को दान में देकर अपना सर्वस्व निक्षावार कर दिया इस महत्वपूर्ण दान की महिमा का यश गान करते हुए देवताओं ने राजा बलि की प्रशंसा भी किया और जय जयकार किया l
भगवान ने राजा बलि को हमेशा के लिए चिरंजीवी बनाते हुए पल प्रतिपल रक्षा करते रहने का वचन भी दिया और कहा कि आठवीं मन्वंतर में इंद्र भी बनोगे l आचार्य द्वारा नवम स्कंध में श्री राम चरित्र का वर्णन कर आग्रह किया गया कि श्री राम को जानने से ज्यादा जरूरी है कि हम श्री राम की माने तो मनुष्य जीवन राम नाम से अनुप्राणित होगा और एक आदर्श व्यक्ति तथा समाज का भी निर्माण हो सकेगा l
चौथे दिन की कथा श्रवण करने पूर्व विधायक शकुंतला साहू , कमला साहू, कमलेश्वरी साहू श्री मति परी साहू , फूल सायं साहू, कमलेश कुमार साहू नंदनी दिलेश साहू एवं सैकड़ो श्रोता उपस्थित थे l श्रीमद् भागवत कथा के आयोजन श्रीमती संतोषी राम प्रसाद साहू द्वारा अधिक से अधिक संख्या में कथा श्रवण करने की अपील की गई है l











