बलौदाबाजार,
फागूलाल रात्रे, लवन।
फागूलाल रात्रे, लवन।
जिले में 17 नवम्बर से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी निरंतर जारी है। उपार्जन केन्द्रों में किसानों से धान की खरीदी लगभग 60 प्रतिशत तक पूरी कर ली गई। लेकिन उठाव बहुत ही सुस्त गति से चल रही है। खरीदी किये गये धान का 15 प्रतिशत तक ही धान का उठाव हो सका है। वही, शनिवार से मौसम में अचानक बदलाव आ गया है। आसमान में काले बादलों ने डेरा डाल रखा है। इससे कभी बारिश होने की संभावना बनी हुई है। धान खरीदी केन्द्रो में हजारों बोरा धान खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। ऐसी स्थिति में यदि बारिश होती है तो धान के बारिश में भीगने की संभावना है, इससे समिति काफी अधिक नुकसान हो सकता है। धान का परिवहन नहीं होने की वजह से समिति प्रबंधक के माथे पर चिंता की लकीरे उभरती जा रही है। सभी उपार्जन केन्द्रो में बफर लिमिट से अधिक धान पड़ा हुआ है। मिलरों द्वारा समय पर धान का उठाव न कराए जाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
उल्लेखनीय है कि जिला सहकारी बैंक की शाखा लवन अंतर्गत 15 उपार्जन केन्द्र आते है। इन 15 उपार्जन केन्द्रो में 14433 किसान पंजीकृत है, इन पंजीकृत किसानों से 4 लाख 58 हजार 297 क्वींटल धान की खरीदी कर ली गई है। साथ 2847 करोड़ रूपये किसानों से ऋण की वूसली की जा चूकी है। खरीदी किये गये धान में से अब महज 97 हजार 710 क्वींटल धान का परिवहन हो सका है। शेष 3 लाख 60 587 क्वींटल धान का परिवहन होना बाकी है।
इसी तरह कोसमंदी शाखा अंतर्गत 6 उपार्जन केन्द्र आते है। यहंा पंजीकृत किसानों से 191 हजार 118 क्वींटल धान की खरीदी किया गया है जिसमें से 41 हजार 578 क्वींटल धान का परिवहन हो सका है, शेष 1 लाख 49 हजार 539 क्वींटल धान का परिवहन होना है। उपार्जन केन्द्र चुचरूंगपुर, कोसमंदा, अमेरा में बफर लिमिट से कई गुना अधिक धान है। परिवहन नहीं होने की वजह से जाम पड़ा हुआ है। आने वाले एक दो तीन में परिवहन नहीं किया गया तो यहंा धान की खरीदी प्रभावित हो सकती है।
इसी तरह बलौदाबाजार शाखा अंतर्गत् 19 उपार्जन केन्द्र आते है, इस 19 उपार्जन केन्द्रों में लाभवांतित किसानों से 5 लाख 77 हजार 715 क्वींटल धान की खरीदी कर लिया गया है। लेकिन परिवहन की रफ्तार काफी सुस्त चल रहा है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति सकरी एवं डमरू उपार्जन केन्द्रों में बनी हुई है। यहंा खरीदी करने के लिए जगह का अभाव है। शीघ्र ही यहंा धान का उठाव एक-दो दिनों में नहीं किया गया तो यहंा खरीदी प्रभावित हो सकती है।
विदित हो कि इन तीनों शाखा अंतर्गत 40 उपार्जन केन्द्रों में खुले आसमान के नीचे करोडो रूपयों का धान रखा हुआ है। हालांकि समिति प्रबंधकों के द्वारा तिरपाल से ढकने की व्यवस्था की जा रही है। लेकिन लगभग सभी उपार्जन केन्द्रों में क्षमता से अधिक धान केन्द्रों में जाम पड़ा हुआ है, केन्द्रों में धान रखने की जगह तक नहीं बची है। खरीदी प्रभारियों ने धान उठाव शीघ्र कराने की मांग किये है।
इस संबंध में हमने लवन, कोसमंदी और बलौदाबाजार के शाखा प्रबंधक से चर्चा किये जिसका कहना है कि हर दूसरे दिन में धान उठाव के लिए अपने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जा रहा है। शनिवार से आसमान में बादल छाये हुए है, जिसको देखते हुए तिरपाल से ढकने की व्यवस्था की जा रही है। उपार्जन केन्द्रो की स्थिति को देखते हुए जल्द से जल्द धान उठाव कराने की आवश्यकता है।
गिरधारी ध्रुव, शाखा प्रबंधक लवन,
डी.एस.वर्मा, शाखा प्रबंधक कोसमंदी,
रमेश कुमार धवलकर, शाखा प्रबंधक बलौदाबाजार











