
बलौदाबाजार,
फागूलाल रात्रे, लवन।
मौसम की बेरुखी के कारण इस बार आसमानी बारिश के अभाव में सिंचाई के लिए नहर का ही सहारा रह गया है। सभी खेतों में फसल को पानी चाहिए, ऐसे में नहर में हेडअप किया जा रहा है। इसके कारण टेल एरिया तक पानी नहीं पहुंच पा रहा। खेत प्यासे होने के कारण धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है।
उल्लेखनीय है कि बारिश नहीं होने पर शासन प्रशासन के द्वारा 11 अगस्त को गंगरेल डैम से नहरों के लिए पानी छोड़ा गया है, लेकिन 17 दिन बीत जाने के बाद भी लवन क्षेत्र के विभिन्न गांव में पानी नहीं पहुंचा है, किसान परेशान है। किसान बीच में ही पानी को रोककर अपने अपने तरफ ले जा रहे है। जिसकी वजह से लवन और आसपास गांव में पानी नहीं पहुंच पाया है। पानी के देख रेख की जिम्मेवारी विभाग की होनी चाहिए लेकिन विभाग का व्यक्ति लापता हो गया है। जिसके कारण ऊपरी क्षेत्र के गांव में तो पानी पहुंच रहा है, लेकिन निचले क्षेत्र के किसान पानी के लिए मशक्कत कर रहे हैं।
लवन के किसानों का कहना है कि गांव के खेतों में पानी ले जाने के लिए दिन रात रतजगा कर रहे हैं। उसके बावजूद अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। किसानों ने बताया कि और ऊपरी क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा अपने खेतों की सिंचाई के लिए नहर को जगह-जगह से काट दिया है। इसके अलावा मछली पकड़ने के चक्कर में भी कई जगह नहर को काटने के चलते अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी बरदा नहर लाइनिंग की तरफ़ जा रहा है, इसलिए लवन के किसानों को नहर से पानी नहीं मिल रहा है।
उमस से लोग परेशान
सावन-भादो में भी जरूरत से कम वर्षा होने के कारण अगस्त माह में भी धूप की चुभन महसूस हो रही है इस वजह से लोग उमस से परेशान हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि दो चार दिनों में बारिश नहीं होती है तो लवन अंचल के कई भागों में लगे धान व अन्य फसल बुरी तरह प्रभावित होंगे। इस बार आसमानी बारिश के अभाव में सिंचाई के लिए नहर का ही सहारा रह गया है। शासन प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है।