बलौदाबाजार,
फागूलाल रात्रे, लवन।
फागूलाल रात्रे, लवन।
तुरतुरिया मेला समाप्त हुए एक सप्ताह होने जा रहा है लेकिन मेला स्थल पर अभी भी कचरा फैला हुआ है। मेला स्थल पर इधर-उधर कचरा ही कचरा दिखाई दे रहे हैं। कचरे की साफ सफाई के लिए अभी तक किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। जिसके चलते मेला स्थल पर बेतरतीब तरीके से कचरा पड़ा हुआ है। प्रकृति प्रेमियों ने मेला स्थल से कचरे की साफ-सफाई की मांग की है।
राम वन गमन पथ में शामिल तुरतुरिया धाम में तीन दिवसीय मेला हर वर्ष पौष पूर्णिमा पर आयोजित होता है। इस वर्ष तुरतुरिया मेला 2 से 4 जनवरी तक चला। यह धार्मिक स्थल लव कुश की जन्मस्थली और बलभद्र कुंड और मातागढ़ में स्थित मां काली की प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है। यहां स्थापित मां काली को संतान दात्री के रूप में पूजा जाता है। संतान प्राप्ति के लिए पूजा अर्चना करने के लिए श्रद्धालु देश के कोने कोने से आते हैं। तुरतुरिया मेला में बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं और कचरा इधर-उधर फेंक देते हैं। मेले के बाद भारी मात्रा में मेला स्थल पर प्लास्टिक की थैलियां बोतले पत्तल और अन्य कचरा फैला हुआ है। यदि शीघ्र ही इधर-उधर पड़े हुए कचरे के साफ सफाई नहीं की गई तो प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण को नुकसान पहुंच सकता है। कई प्रकृति प्रेमियों ने बताया कि मेले में बड़ी संख्या में आने वाले पर्यटको के द्वारा कचरे को इधर-उधर फेंक देते हैं जिससे गंदगी बढ़ती है। कहा कि तुरतुरिया मेला में कचरे की ढेर की समस्या एक पुरानी और लगातार बनी रहने वाली चुनौती है। जहां मेला के बाद प्लास्टिक डिस्पोजल और अन्य कचरो का अंबार लग जाता है। इस वर्ष मेला लगे एक सप्ताह बीतने को जा रहा है किंतु अभी तक मेला स्थल की साफ सफाई नहीं की गई है।
तुरतुरिया मेला जाने के लिए लोगों से दो जगह ली जा रही राशि
तुरतुरिया मेला के दौरान हो या अन्य कोई भी दिन तुरतुरिया जा रहे पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं से दो-दो जगह वन विभाग द्वारा राशि की वसूली की जारी है। सबसे पहले ठाकुरदिया बैरियर में वन विभाग द्वारा राशि ली जा रही है तो वही वन विभाग द्वारा ही बनाए गए तुरतुरिया संयुक्त वन प्रबंधन एवं पर्यटन समिति द्वारा तुरतुरिया की साफ सफाई के लिए दो दुपहिया वाहनो से 20 रूपये चार पहिया वाहनों से 50 रूपये तक की वसूली की गई। साफ सफाई के लिए राशि तो वसूली की गई किंतु अभी तक तुरतुरिया मेला स्थल की साफ सफाई नहीं की गई। वही तुरतुरिया आने जाने वाले पर्यटको एवं श्रद्धालुओं को दो-दो जगह राशि देने पर वन विभाग के प्रति काफी नाराज देखे गए।
इस संबंध में डिप्टी रेंजर जय किशन यादव ने बताया कि मेला स्थल की साफ सफाई कल से शुरू हो गए हैं। समिति बने एक सप्ताह ही हुए हैं। तुरतुरिया को पॉलिथीन मुक्त बनाने का लक्ष्य है।










