बलौदाबाजार,
फागूलाल रात्रे, लवन।
फागूलाल रात्रे, लवन।
समाज से दहेज प्रथा जैसी कुरीति को समाप्त करने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए संत रामपाल के आध्यात्मिक सत्संग में दो जोड़ों का दहेज-मुक्त विवाह सादगी एवं धार्मिक विधि-विधान के साथ मात्र 17 मिनट में गुरु वाणी (असुर निकंदन रमैनी) द्वारा सम्पन्न हुआ। यह आयोजन समाज को समानता, मानवता और सरल जीवन मूल्यों का संदेश देता है।
प्रथम दहेज-मुक्त विवाह में भगत धीरेंद्र दास, पिता सोना दास, ग्राम सलखन, तहसील नवागढ़, जिला जांजगीर-चांपा (छ.ग.) का विवाह भगतमति कामिनी दासी, पिता स्व. कुंजबिहारी, पता लाहौद, तहसील बलौदाबाजार, जिला बलौदाबाजार (छ.ग.) के साथ सम्पन्न हुआ।
दूसरा दहेज-मुक्त विवाह में भगत अजय दास, पिता दीनदयाल दास, ग्राम कसियारा, तहसील लवन, जिला बलौदाबाजार (छ.ग.) का विवाह भगतमति मंजु दासी, पिता मनबोध दास, ग्राम सोनसरी, तहसील पचपेड़ी, जिला बिलासपुर (छ.ग.) के साथ सम्पन्न कराया गया।
यह दहेज-मुक्त विवाह कार्यक्रम सत्संग स्थल चिचिरदा, जिला बलौदाबाजार (छत्तीसगढ़) में दोपहर 1:00 बजे आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
संत रामपाल के आध्यात्मिक ज्ञान से प्रेरित यह आयोजन यह संदेश देता है कि विवाह प्रेम, समझ और संस्कारों का बंधन है, न कि लेन-देन या दिखावे का माध्यम। उपस्थित लोगों ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए इसे समाज सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।











